धन प्राप्ति के उपाय





श्वेत बबूल के पुष्प, अरण्डी के पुष्प एवं मेंहदी के पुष्प-तीनों को प्राप्त करके चांदी की डिब्बी में बंद करके घर में रखने से धन का आगमन होने लगता हैं।

दान करने से धन घटता नहीं, बल्कि जितना देते हैं उसका दस गुना र्इश्वर हमें दे देता है।

इनमें से किसी भी एक मंत्र का चयन करके सुबह, दोपहर और रात को सोते समय पांच-पांच बार नियम से उसका स्मरण करें। मातेश्वरी लक्ष्मीजी आप पर परम कृपालु बनी रहेंगी।

दुकानदार दुकान खोलें, तब महादेव का थड़ा अर्थात दुकान की गद्दी पर बैठकर इस मंत्र की प्रथम माला जप लें।

श्री शुक्ले महाशुक्ले कमल दल निवासे श्री महालक्ष्मी नमो नम:। लक्ष्मी मार्इ सबकी सवाइर््र आवो चेतो करो भलार्इ करो तो सात समुद्रों की दुहार्इ, ऋद्धि-सिद्धि करे तो नौ नाथ चौरासीसिद्धोंकी दुहार्इ।

आप जब भी बैंक में रुपये जमा करने जाएं तो प्रयास करें कि पश्चिममुखी होकर ही कार्य करें तथा मानसिक रूप से मां लक्ष्मी के किसी भी मंत्र का जप करते रहें। यदि मां लक्ष्मी का कोर्इ मंत्र याद हो तो निम्न मंत्र का जप करें। इससे आपका धन सदैव बढ़ता रहेगा। मंत्र इस प्रकार है-

ऊँ श्रीं श्रीं श्रीं।


पीपल के पत्त्ो पर ‘राम’ लिखकर तथा कुछ मीठा रखकर हनुमान मंदिर में चढ़ा आएं। इससे अवश्य ही धन लाभ होगा। इसके अतिरिक्त नित्य प्रात:काल लक्ष्मी को लाल पुष्प अर्पित करके दूध निर्मित मिष्ठान का भोग लगाने से भी धन का लाभ होगा।

शनिवार के दिन पीपल का एक अखंडित पत्ता तोड़कर उसे गंगाजल से धोकर उसके ऊपर हल्दी तथा दही के घोल से दाएं हाथ की अनामिका उंगली द्वारा एक वर्ग के भीतर ‘हृी’ लिखें। तत्पश्चात धूप-दीप दिखाकर यह पत्ता मोड़कर अपने बटुए मे रख लें। प्रत्येक शनिवार को पूजा के साथ वह पत्ता बदलते रहें। आपका बटुआ धन से कभी खाली नही रहेंगा। पुराना पत्ता घर से बाहर किसी पवित्र स्थान पर ड़ाल दें।

अचानक धन प्राप्ति के लिए अपनी मनोकामना कहते हुए बरगद की जटा में गांठ लगा दें। जब धन लाभ हो जाए तो उसे खोल दें।

काली हल्दी को सिंदूर और धूप देकर लाल वस्त्र में लपेटकर एक-दो मुद्राओं सहित तिजोरी में रखें। इससे धन लक्ष्मी की वृद्धि होती रहेगी।

यदि धन का लाभ नही हो रहा हो तो शुक्रवार के दिन से नित्य गोधूलि वेला में श्री महालक्ष्मी या तुलसी के पौधे के समक्ष गौ घृत का दीपक जलाएं। 

यदि किसी भी धर्म स्थल में आपको कोर्इ सिक्का या धन मुद्रा मिले तो आप उसे बिना किसी झिझक के उठा लें और उसको धन रखने के स्थान पर लाल अथवा पीले रेशमी वस्त्र में बांधकर रख दें। इससे धन में वृद्धि होगी।

शुक्रवार के दिन किसी सुहागिन स्त्री को लाल वस्त्र या सुहाग सामग्री दान करने से धन लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त होता है। यदि शुक्रवार के दिन कोर्इ विवाहित स्त्री आपको चाय-पानी पर आमंत्रित करे तो उसके आग्रह को ठुकराएं-चाहे आप कितने ही अधिक व्यस्त क्यों हों। यह धन के आगमन का द्योतक है।

श्री महालक्ष्मी का ध्यान करके मस्तक पर शुद्ध केसर का तिलक लगाएं। धन लाभ के समाचार मिलेंगें। घर के बाहर शुद्ध केसर से स्वास्तिक का निर्माण करके उस पर पीले पुष्प और अक्षत चढ़ाएं। घर में लक्ष्मी का आगमन होगा। 

कच्ची धानी के तेल के दीपक में फूलदार लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करे। इससे अनिष्ट दूर होगा और धन भी प्राप्त होगा।

दो पीले पुष्प श्री महालक्ष्मी को अर्पित करें। धन लाभ अवश्य होगा। श्री गणेशजी को दूर्वा एवं मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाकर श्री लक्ष्मी के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाये। धन की कमी नही सताएगी। 

अचानक धन लाभ के लिए माता लक्ष्मीजी के मंदिर मे सुगन्धित धूपबत्ती तथा अगरबत्ती का दान करें। 

गुरुवार के दिन पुष्प नक्षत्र में काली हल्दी को कामिया सिंदूर, और गुगल की धूप देकर एवं लाल वस्त्र में लपेटकर कुछ मुद्राओं सहित अपनी तिजोरी में रख दें। इसके प्रभाव से धन की वृद्धि होती रहेगी।

घर के मुख्य द्वार पर कुंकुम से स्वस्तिक बनाएं तथा बासमती चावल की ढ़ेरी पर एक सुपारी में कलावा बांधकर रख दें। धन की वृद्धि अवश्य होगी। प्रात:काल एकाक्षी नारियल का कामिया सिंदूर, कुंकुम, अक्षत एवं गुड़हल के लाल पुष्पों से पूजन करें। धनागमन होने लगेगा।

अपने घर में नियमित रूप से पूजा करते समय जो दीपक जलाते हैं, उसमें रूर्इ की बत्ती के स्थान पर कलावे का प्रयोग करें क्योंकि मां लक्ष्मी को लाल रंग अधिक प्रिय है। इससे धन का आगमन होगा। 

यदि आप गुरुवार को केले के वृक्ष पर सादा जल चढ़ाकर घी का दीपक अर्पित करें तथा शनिवार को पीपल के वृक्ष में गुड़-दूध मिश्रित मीठा जल सरसों के तेल का दीपक चढ़ाएं तो कभी भी आर्थिक रूप से परेशान नहीं रहेंगे तथा लक्ष्मी की सदा अनुकम्पा बनी रहेगी।

जिस घर में नियमित रूप से अथवा प्रत्येक शुक्रवार को श्रीसूक्त या श्रीलक्ष्मी सूक्त का पाठ होता है, वहां धन लक्ष्मी का वास होता है।