चिन्ता हटाने का टोटका

अधिकतर पारिवारिक कारणों से दिमाग बहुत ही उत्तेजना में आजाता है,परिवार की किसी समस्या से या लेन देन से,अथवा किसी रिस्तेनाते को लेकर दिमाग एक दम उद्वेलित होने लगता है,ऐसा लगने लगता है कि दिमाग फ़ट पडेगा,इसका एक अनुभूत टोटका है कि जैसे ही टेंसन हो एक लोटे में या जग में पानी लेकर उसके अन्दर चार लालमिर्च के बीज डालकर अपने ऊपर सात बार उबारा (उसारा) करने के बाद घर के बाहर सडक पर फ़ेंक दीजिये,फ़ौरन आराम मिल जायेगा।

मानसिक परेशानी दूर करने के लिए

रोज़ हनुमान जी का पूजन करे हनुमान चालीसा का पाठ करें ! प्रत्येक शनिवार को शनि को तेल चढायें ! अपनी पहनी हुई एक जोडी चप्पल किसी गरीब को एक बार दान करें !

शनि के बुरे समय बचने का ये है अचूक उपाय

धर्म-ज्योतिष को मानने वाले लोग शनिदेव और शनि के प्रभावों को अच्छे से जानते हैं। यदि किसी व्यक्ति से जाने-अनजाने कोई पाप या गलत कार्य हो गया है तो शनिदेव ऐसे लोगों को निश्चित समय पर इन कर्मों का फल प्रदान करते हैं। ज्योतिष के अनुसार शनि को न्यायाधिश का पद प्राप्त है। इसी वजह से इन्हें क्रूर देवता माना जाता है। हमारे द्वारा किए गए कर्मों का फल शनिदेव साढ़ेसाती और ढैय्या के समय में प्रदान करते हैं।

 
यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक कष्ट भोगना पड़ रहे हैं तो इन अशुभ फलों के प्रभावों को कम करने के लिए कुछ ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं।

 
कुछ लोगों की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में हो तो उसे जीवनभर कई प्रकार के कष्ट उठाने पड़ते हैं। ऐसे में प्रति शनिवार यह उपाय अपनाएं-


शनिवार को प्रात: ब्रह्म मुहूर्त में उठें और नित्यकर्मों से निवृत्त होकर स्नानादि करके पवित्र हो जाएं। इसके बाद जल, दूध, तिल्ली के तेल का दीपक लेकर किसी पीपल के वृक्ष के समीप जाएं। अब पीपल पर जल और दूध अर्पित करें। इसके बाद पीपल के वृक्ष के नीचे तिल्ली के तेल के दीपक को प्रज्जवलित करें। शनिदेव प्रार्थना करें कि आपकी सभी समस्याएं दूर हो और बुरे समय से पीछा छुट जाए। इसके बाद पीपल की सात परिक्रमा करें।

 
घर लौट कर एक कटोरी में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखकर इस तेल का दान करें। ऐसा करने पर कुछ ही समय में आपको सकारात्मक फल प्राप्त होने लगेंगे। इसके प्रभाव से आपके घर की पैसों से जुड़ी समस्त समस्याएं दूर होने लगेंगी और आर्थिक संकट से मुक्ति मिलेगी।

बनायें मंगल को शुभ

पहले भाव में मंगल
मंगल खाना (house) संख्या एक में मंदा (debilitated) होकर बैठा हो तो उसे नेक बनाने के लिए एवं नेक हो तो उसे और नेक बनाने के लिए व्यक्ति को अपने क्रोध पर काबू रखना चाहिए। व्यक्ति को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए कभी किसी के प्रति अपशब्द नहीं बोलना चाहिए। मंगल की शुभता का फल प्राप्त करने के लिए मिट्टी की सुराही में सौंफ डालकर सुनसान स्थान पर मिट्टी के नीचे दबाना चाहिए।

दूसरे भाव मे मंगल
लाल किताब के अनुसार मंगल खाना संख्या दो में मंदा(combust) हो तो उसे नेक बनाने के लिए भाईयों के साथ मधुर सम्बन्ध बनाकर रखना चाहिए। जरूरत के समय भाईयों की मदद करनी चाहिए। पीठ पीछे किसी की शिकायत नहीं करनी चाहिए। अपने व्यवहार और कार्य में दृढ़ता लानी चाहिए। जनसेवा और भंडारे के आयोजन से मंगल नेक फल देता है।

तीसरे भाव में मंगल
तीसरे खाने(3rd house) में बैठा मंगल अगर मंदा हो तो मंदे प्रभाव को दूर करने के लिए व्यक्ति को हाथी के दांत का कड़ा या इससे बनी कोई अन्य वस्तु घर में रखनी चाहिए। दिखावे से बचना चाहिए और अनावश्यक खर्च नहीं करना चाहिए। अपने अंदर आत्मविश्वास बनाये रखना चाहिए और अपने गुणों और क्षमताओं का प्रयोग करना चाहिए।

चौथे भाव में मंगल
मंगल चौथे भाव में मंदा होकर बैठा हो तो इसकी शुभता के लिए मिट्टी के बर्तन में शहद भरकर उसे शमशान भूमि दबा देना चाहिए। घर का दरवाजा दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। 400 ग्राम रेवड़ी नदी में प्रवाहित करना चाहिए। चिड़ियों को मीठा डालना चाहिए। नेक मंगल के लिए हनुमान जी को सिन्दुर चढ़ाना चाहिए।

पांचवें भाव में मंगल
पांचवें घर में बैठे हुए मंगल को नेक बनाने के लिए रात को सोते समय सिरहाने किसी बर्तन में पानी भरकर रखें और सुबह उस जल को ऐसी जगह डालना चाहिए जहां जल का अपमान नहीं हो। अगर मंगल इस भाव में नेक है तो उसकी नेकी बनाए रखने के लिए सौन्दर्य और भोग विलास में लिप्त नहीं होना चाहिए। जिस व्यक्ति की कुण्डली में यह स्थिति हो उसे अपने कर्तव्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए।

छठे भाव मे मंगल
लाल किताब के अनुसार जिस व्यक्ति की कुण्डली में खाना संख्या 6 में मंगल नेक होकर बैठा है उसे मंगल को और भी नेक बनाने के लिए कन्याओं को भोजन कराना चाहिए। मंगल अगर मंदा होकर बैठा है तो संतान के जन्म होने पर मिठाईयों के बदले नमकीन बांटना चाहिए। भाईयों को समय समय पर आर्थिक मदद करनी चाहिए। सोना धारण नहीं करना चाहिए। शनि की शांति का उपाय करना चाहिए।

सातवें भाव मे मंगल
कुण्डली के खाना संख्या सात में बैठे मंगल के मंदे प्रभाव को दूर करने के लिए व्यक्ति को बिना सिंग की गाय की सेवा करनी चाहिए। भोजन करने से पहले गाय के लिए एक हिस्सा निकाल कर रख देना चाहिए। मंगल के मंदे प्रभाव से बचने के लिए मांस मदिरा के सेवन से परहेज रखना चाहिए। किसी से भी मुफ्त में कलम नहीं लेना चाहिए।

आठवें भाव में मंगल
जिस व्यक्ति की कुण्डली के आठवें भाव में मंगल बैठा हो उसे मंगल की शुभता (auspiciousness of Mars)के लिए शाम के समय रोटी बनाने से पहले तबे पर पानी के छींटे मारने चाहिए। घर में तंदूर अथवा भट्ठी नहीं लगानी चाहिए अन्यथा मंगल का मंदा फल और भी अशुभ हो जाता है। मंगल विधवा स्त्री से आशीर्वाद लेने से नेक फल देता है एवं कुत्ते को 40 से 43 दिनो तक मीठी रोटी देने से शुभ होता है।

नवम भाव में मंगल
कुण्डली के खाना संख्या 9 में अगर मंगल बैठा हो तो इसकी नेकी प्राप्त करने के लिए धर्म ग्रंथों के प्रति आदर और सम्मान रखना चाहिए। बुर्जुर्ग और श्रेष्ठ व्यक्तियों के प्रति आदर भाव और सम्मान रखना चाहिए। समय समय पर धार्मिक कार्यों का आयोजन करना चाहिए। भाईयों से स्नेहपूर्ण सम्बन्ध बनाकर रखना चाहिए। किसी कार्य को करने से पहले भाईयों से भी विमर्श कर लेना चाहिए।

दशम भाव में मंगल
मंगल की उपस्थिति अगर कुण्डली के दशम भाव में है तो मंगल के शुभ प्रभाव में वृद्धि के लिए हिरण को आहार देना चाहिए। काले अथवा काने व्यक्ति की सेवा करनी चाहिए। किसी प्रकार के असामाजिक कार्यों में संलग्न नहीं होना चाहिए। हनुमान जी को सिन्दुर चढ़ाने एवं पुत्रहीन व्यक्ति की सेवा से भी मंगल की शुभता प्राप्त होती है।

एकादश भाव में मंगल
कुण्डली के एकादश भाव में बैठे हुए मंगल के मंदे प्रभाव(negative impact) को दूर करने के लिए एवं नेकी को बढ़ाने के लिए घर में कुत्ता पालना चाहिए। दामाद, साले एवं दोहिते का सहयोग करना चाहिए। जिस व्यक्ति की कुण्डली के एकादश भाव में मंगल बैठा हो उसे हमेशा अपने साथ लाल चंदन रखना चाहिए। इस भाव में अगर मंगल मंदा होकर बैठा हो तो मंगल की वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

द्वादश भाव में मंगल
जन्म कुण्डली के बारहवें भाव(12th house) में मंगल मंदा होकर बैठा है तो जल में चीनी मिलाकर सूर्य को आर्घ्य देना चाहिए। मंदिर में बताशे का प्रसाद चढ़ाना चाहिए। जल में शहद मिलाकर लोगों को पिलाना चाहिए। छोटे भाई को दूध पिलाना चाहिए अगर मंगल नेक है तो उसकी नेकी को बढ़ाने के लिए अपने पास हमेशा चांदी का चावल रखना चाहिए।

शत्रु शमन के लिए

साबुत उड़द की काली दाल के 38 और चावल के 40 दाने मिलाकर किसी गड्ढे में दबा दें और ऊपर से नीबू निचोड़ दें। नीबू निचोड़ते समय शत्रु का नाम लेते रहें, उसका शमन होगा और वह आपके विरुद्ध कोई कदम नहीं उठाएगा।

इसमें छिपा है धनवान बनने का रहस्य


यदि धन की कमी हो या किसी का धन कहीं अटक गया हो तो शुक्ल पक्ष के गुरूवार से अपने माथे पर केसर एवं चन्दन का तिलक लगाना आरम्भ कर दें। प्रत्येक गुरूवार को रामदरबार के सामने दण्डवत प्रणाम कर मनोकामना करें, कार्य सफल हो जाएगा।

मुश्किल समय में जप करें इस मंत्र का

यदि आपके साथ भी यही समस्या है। आप संघर्ष करते-करते थक चुके हैं। लगने लगा है कि आपकी किस्मत आपका साथ नहीं दे रही है, ऐसे में सिर्फ मंत्र शक्ति ही ऐसी शक्ति है जो आपको स्थिति से लडऩे की ताकत दे सकती है। ऐसे समय में नीचे लिखे मंत्र का जप करने से आपको मुश्किलों से लडऩे की शक्ति मिलेगी।

सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि।
गुणाश्रये
गुणमये नारायणि नमोस्तुते।
*************

जब हो पैसों की कमी तब करें यह टोटके

किसी शुक्रवार के दिन रात्रि में पूजा उपासना करने के पश्चात एक हकीक माला लें और एक सौ आठ बार ऊं ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं लक्ष्मी वासुदेवाय नम: मंत्र का जप करें। इसके बाद माला को लक्ष्मीजी के मंदिर में अर्पित कर दें। धन से जुड़ी हर समस्या हल हो जाएगी।

मनोकामना पूर्ति के अचूक गुप्त उपाय

हर मनुष्य की कुछ मनोकामनाएं होती है। कुछ लोग इन मनोकामनाओं को बता देते हैं तो कुछ नहीं बताते। चाहते सभी हैं कि किसी भी तरह उनकी मनोकामना पूरी हो जाए। लेकिन ऐसा हो नहीं पाता। यदि आप चाहते हैं कि आपकी सोची हर मुराद पूरी हो जाए तो नीचे लिखे प्रयोग करें। इन टोटकों को करने से आपकी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी।

बड़ के पत्ते पर मनोकामना लिखकर बहते जल में प्रवाहित करने से भी मनोरथ पूर्ति होती है। मनोकामना किसी भी भाषा में लिख सकते हैं।

नए सूती लाल कपड़े में जटावाला नारियल बांधकर बहते जल में प्रवाहित करने से भी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।