सन्तान प्राप्ति के उपाय





चार वीरवार को नौ ग्राम जौं चलते जल में बहाए। वीरवार का व्रत भी रखना शुभ होगा। राधा कृष्णजी के मंदिर में चांदी की बांसुरी चढ़यो। लाल या भूरी

गाय को आटे का पेड़ा व पानी दे। नौमुखी रूद्राक्ष पहने, ऐसा करने से संतान प्राप्ति का योग शीघ्र बनेगा।

तुलसी माता, शीतला माता व गंगा माता की आरती व स्तुति करें। यदि स्वयं गंगा किनारे खडे़ होकर हाथ में जल लेकर इन मंत्रो का जप एक बार करके संतान प्राप्ति की मनोकामना करे तो आपकी मनोकामना अति शीघ्र पूरी होगी।
श्री गंगा जी की स्तुति
गांगं वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतम् । 
त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु माम् ।

।।तुलसी स्तुति मंत्र।।
देवी त्वं निर्मिता पुर्वमर्चितासि मुनीश्ररै:।
नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिपिये।। 

।।श्री शीतला स्तुति।।शीतले त्वं जगन्माता
शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत् पिता।
शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नम:।।

संतान प्राप्ति की मनोकामना हेतु इनमें से कोई भी वृक्ष लगाने से संतान की प्राप्ति शीघ्र होती हैं। पीपल, नीम, बिल्व, नागेश्वर, गुड़हल, अश्टगंधा।
बुधवार के दिन सुबह जल्दी उठकर पति- पत्नी संयुक्त रूप से बाल गणेश की पूजा करें तथा अपने घर के मुख्य द्वार पर बाल गणपति की प्रतिमा लगाएं । आते व जाते इस प्रतिमा के समक्ष नमस्कार करें। प्रत्येक बुधवार को गणेशजी का पूजन करने से संतान प्राप्ति का योग बनता हैं। 
जब किसी गर्भवती महिला को गर्भ गिर जाने का या खराब हो जाने का खतरा लगे तो वे शहद व सवा पाव बकरी के दूध का तुलसी को भोग लगाए। 
माता वैष्णो देवी की आरती रोज करने व श्री दुर्गा कवच का जप करने के बाद किसी कन्या को भोजन कराने से संतान प्राप्ति की मनोकामना का योग शीघ्र बनता है। 
भगवान श्रीकृष्ण जी की 108 नामावली का जप करे व लड्डू गोपाल जी को मक्खन व दूध का भोग लगावे। इससे आपका संतान प्राप्ति का योग शीघ्र बनेगा।