निष्काम सेवा

निष्काम अथवा निःस्वार्थ सेवा तब संभव होती जब हम सच्चे हृदय से किसी की सहायता करना चाहें। इसमें हम अपने लिए किसी भी तरह का कोई पुरस्कार, या ख्याति, या अन्य कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं चाहते। दूसरों की निःस्वार्थ भाव से मदद करने से हमारा हृदय व्यापक हो जाता है। निष्काम सेवा हम तभी कर सकते हैं जबकि हम सच्चे दिल से यह अनुभव करें कि हम सब प्रभु के एक ही परिवार के सदस्य हैं। हममें से हर कोई प्रभु द्वारा दिए गए कौशल, ज्ञान अथवा संसाधनों का उपयोग कर एक-दूसरे की मदद कर सकता है और इस विश्व को एक बेहतर स्थान बनाने में योगदान दे सकता है।